Sunday, April 7, 2019

हौंसला बुलंद कर

तोड़ दे ज़ंज़ीर को
तू हौंसला बुलंद कर

वो देख तेरा लक्ष्य है
तू सिर्फ उसको देख कर
अर्जुन के जैसा वार कर
तू आज आँखें बंद कर

तू जीते जी महान हो
मरकर भी हो तू अमर
बन किसी की प्रेरणा
तू ऐसा कोई काम कर

तू उठ ज़रा ज़मीन से
जा छुले आसमान को
कर वक़्त तेरे हाथ में
कर साथ में भगवान् को

जग तोड़ता है हौंसला
क्यूं  ढूंढ़ता यहां वहाँ
तेरे अंदर ही कहीं छुपा
तेरे हौंसलों का कारवाँ

~संगीता 

No comments:

Post a Comment